Thursday, January 1, 2015

नववर्ष में लेखन का प्रारंभ

लगभग दो वष से अधिक समय तक  मन की बातों को लेखन के माध्यम से उजागर नहीं कर पाने का क्षोभ रह गया।इस लंबे अंतराल में ऐसी कई घटनाएँ हुई जिन पर अपने मनोभावों को जाहिर करने के लिए छटपटाता रहा, पर 'नेट' की दुनिया मुझे अपने विचार प्रकट करने की अनुमति नहीं दिया, अथात अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद होने में घंटो लग जाते या होता ही नहीं। प्यारी पुत्री से प्राप्त 'मोबाइल' के माध्यम से अनायास ही अपने विचारों को लेखन के माध्यम से प्रकट कर पाना सहज हो गया।